Saturday, 15 October 2016

अमानवीय: महिला समेत दो बच्चियों की नृशंस हत्या



दिनांक 12-10-16 के रात की हुई भागलपुर की घटना अत्यधिक दर्दनाक व अमानवीय है जिसके तहत टीएनबी कॉलेज के अंदर बुधवार की मध्य रात्रि एक महिला समेत दो बच्चियों को जिंदा जलाकर नृशंस हत्या कर दी गयी। 
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सूत्रों के अनुसार, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की बजट शाखा में कार्यरत चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी सुबोध झा की पत्नी रूपा देवी उम्र  32, समेत  दो पुत्री  रजनी 11 वर्ष  एवं दिव्यानी 12वर्ष को कॉलेज कैम्पस रसायन विभाग के पीछे बने क्वार्टर में जिंदा जला दिया गया। क्वार्टर में बाहर से प्रवेश करने का कोई रास्ता नहीं है। क्वार्टर पूरी तरह बंद है। कोई खिड़की भी नहीं है जो खिड़की थी उसे महिला के पति सुबोध ने खुद ही बंद कर दिया था। आरोपित पति को हिरासत में लिया गया। मृतक महिला आरोपी की दूसरी पत्नी थी।

उपर्युक्त तथ्यों के अनुसार, कॉलेज परिसर में हुई इस तरह की घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है बल्कि पति बनाम पुरुष की अपनी पत्नी और बेटियों के प्रति निम्नतम व अमानवीय मानसिकता का भी द्दोतक है। 

बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि ऐसी घटना एक जगह नहीं, जहां-तहां, पूरे देश में घटती रहती है।

हाल ही में दिल्ली के एक क्षेत्र में भी एक पति ने पत्नी को काट कर बोरे में डाल फेंक आया था जो कि उसकी जवान बेटी द्वारा मां को खोजे जाने पर बाद में वह नीच पिता और अपनी ही पत्नी का हत्यारा स्थानीय लोगों के सहयोग के बदौलत जेल जा पाया।


दिल्ली की ही एक अन्य घटना में पता चला कि एक ने गुस्से में आकर पत्नी को काट दिया।

जब-जब इस तरह की घटनाएं पढती हूं तो पुरुष जाति के प्रति मन नफरत से भर उठता है और मैं भी एक महिला हूं, यह सोचकर व दूसरी महिला के दर्द की कल्पना कर अपना तन-मन भी सिहर उठता है। 
लगता है मुझे, धिक्कार है उस मर्द जाति पर, विशेषकर उस मर्द पर जो अपनी पत्नी, प्रेमिका या बेटियों के साथ मारपीट व खूनखराबा करना मर्दानगी समझता है।
ऐसे घिनौने व घटिया मर्द से जानवर भी अच्छा कि वह भी अपनी मादा व बच्चियों की जान तो नहीं लेता।

मेरे ख्याल से पत्नी या प्रेमिका को सताने या उसके साथ हिंसा करने वाला पुरुष मर्द ही नहीं होता। मर्द को अपनी बीवी को खुश रखना आता है, जो उसे कैद कर व डराकर रखे, इसका मतलब उस मर्द में कोई बड़ी कमजोरी जिस वजह से वह बीवी को बाहर नहीं निकलने देता, खुलकर बोलने नहीं देता ताकि उसकी औरत किसी और को उसकी कमजोरी न बता दें। अथवा सामने से या साजिश के तहत जो पुरुष औरत जाति का शिकार करता है या उसकी हत्या, ऐसा कोई भी प्रयास, उस मर्द की कमजोरी बताता है, विशेषता नहीं और ऐसे सभी कमजोर पुरुष से हम महिला नफरत करते हैं, खूब नफरत।

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