Wednesday, 7 December 2016

देखना, See.



आग तुझमें लगा न दूं
देखना होश तेरा उड़ा न दूं
मेरे आंखों में छलकता दरिया प्यार का
मेरे अंग में मचलता जलवा बहार का
नशा इसका लगा न दूं
देखना होश तेरा उड़ा न दूं
फिर से शिकार करने का मेरा मन ये करे
किसी पे गिरने का मेरा मन ये करे
वजन अपना तुझ पे ला न दूं
देखना होश तेरा उड़ा न दूं
कोई कहानी प्यार की बुनना मैं चाहूं
तेरे तन-मन में फिर से जलना मैं चाहूं
तेरी दुनिया ही बदल न दूं
देखना होश तेरा उड़ा न दूं
वो दिल्लगी दिवानापन अब तक याद है
आग मेरी तेरा तड़पना अब तक याद है
अपने यौवन में फिर से बहा न दूं
देखना होश तेरा उड़ा न दूं

-कुलीना कुमारी, 6-12-2016

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