Sunday, 18 June 2017

बिटिया रानी/ Dearest daughter

बिटिया रानी





तू मेरी लाडो बनी रह
तू बनना सजन की भी प्यारी दुल्हिनिया
ऐसे चलना बिटिया रानी
बने तेरी मधुर कहानियां

अभी जाती हो विद्यायल
निभाना धर्म विद्यार्थी का
खाली खेलना नहीं
समझना पाठ्य पुस्तिका
बड़ी दूर मंजिल पाना है तुम्हें
लगाना सफलता की बिंदियां...

सजन घर जाना भी
तो कम न समझना
बुरा नहीं करना
बुरा नहीं सहना
फर्ज की घोड़ी पे चलकर प्रिये
तू सजाना सपनों की रंगीनियां...

कुछ फर्ज मानवता का
उसको भी भूलना नहीं
जो जरूरी लगे
उसको छोड़ना नहीं
फूल भी यहीं कांटे भी यहीं
तुम चुनना बहारों की कलियां...

-कुलीना कुमारी, 16-6-2017


No comments:

Post a Comment

Search here...

Follow by Email

Contact Us

Name

Email *

Message *