Wednesday, 19 October 2016

प्रसन्नता जीने के तरीके में, Happiness


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Happiness

हर प्राणियों में मानव जीवन सबसे विकसित व उत्तम माना गया है। मगर इसका तभी फायदा जब मानव अपने जीवन का सदुपयोग करना जाने व प्रसन्न रहें। मगर यह प्रसन्नता कहां और कैसे मिलेगी, सभी इसे जानना चाहते हैं। चाहे गरीब हो, अमीर हो या किसी भी जाति-धर्म से, इसकी आकांक्षा सबको रहती है। फिर वह कौन सा रास्ता है जिससे प्रसन्नता पायी जा सकती है? आइए इस पर विचार करें..
मेरे ख्याल से प्रसन्न होने के बहुत सारे तरीके हैं मगर उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जीने के तरीके में शामिल है...

-सबसे प्रथम ली गयी जिम्मेदारी, न्यूनतम जरूरत व भोजन की आवश्यकता है, अतः उससे जुड़ा सबसे पहले काम करें। अथार्त जिसकी जो भूमिका, वो अपनी भूमिका समय पर व मन से निभाए।

-आपके जो भी सपने हो, उसे भूले नहीं, उस हेतु भी प्रयास करे क्योंकि बाहरी आवश्यकता के साथ-साथ आंतरिक व मानसिक आवश्यकता की पूर्ति भी जरूरी है और यह हमें प्रसन्नता देती है।

-झूठ न बोले और जो काम आपको लगे कि नहीं कर पाएंगे, उसे करने का वादा न करें अथवा मना कर दें। काम नहीं होने पर होने वाली दोनों पक्षों की परेशानी से बच जाएंगे ।

-जो भी काम करने का वादा करे, उसे समय पर पूरा करे, इससे आपको दुश्चिंता नहीं होगी और आपका आत्मविश्वास बढेगा। साथ ही दूसरों के नजर में समय पर काम करने से आपकी इज्जत भी बढेगी।

-न खुद को किसी से कमतर माने और न दूसरों को हीन। न गलत कहे और न सहे। फिर नकारात्मक इंसान नकारात्मकता दे जाती है तो जहां तक हो सकें, उससे बचने का प्रयास करें। मगर यह भी  याद रखें कि आप किसी का जब-तब गलत बर्दाश्त करेंगे तो वह आपकी इज्जत करना बंद कर देगा तो जब भी जरूरी लगे जवाब देना, जरूर दें।

- मां-बाप, अपने व समाज के लिए जो भी फर्ज निभाना जरूरी, उतना  ही या उससे भी कहीं अधिक जरूरी अपनी खुशी का ख्याल। अतः अपने आपको नजरअंदाज न करे। जो खुद को खुश नहीं रख पाता, वो दूसरों को खुशियां भी नहीं बांट पाता। अतः पहले अपनी जरूरतों, इच्छाओं को जगह दें, फिर औरों के।

-इस सबके अतिरिक्त दिखावा से अधिक अपनी क्षमताओं में वास्तविकता के साथ जीने का प्रयास करें। झूठ के आवरण के बजाय सच व ईमानदारी के साथ जीवन लक्ष्य बनाए व सहजता के साथ जिंदगी को स्वीकार करे, हर परिस्थिति में अच्छा देखने की कोशिश करें।

-एक जरूरी यह भी बात कि आपके जीवन के जो भी शिड्यूल या आप जो सब करना चाहते हैं, उस हेतु एक नियमित, सप्ताहिक अथवा काम व आवश्यकता के हिसाब से तालिका बनाए और उसे फॉलो करे। समय पर काम करने की आदत जिंदगी को जिंदगी के साथ चलने की प्रेरणा से भर बैठती है। साथ ही वर्तमान मे जीने की आदत पछताने के बजाय सार्थक जीवन जीने का उत्साह देता है।

-ये सब छोटी-छोटी बातें, मगर ध्यान रखा जाय तो जरूर वह व्यक्ति प्रसन्न रह सकता है।

-कुलीना कुमारी, 13-10-2016

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