Thursday, 15 December 2016

धड़कता है दिल तो.., When heart is beating




धड़कता है दिल तो मैं डरने लगती हूं
मुहब्बत न हो जाय मुझको, सिहरने लगती हूं

मैं मुहब्बत के पचड़े में पड़ना न चाहूं
हो दिलवर के प्यासे, तड़पना न चाहूं
जब कोई घूरता है मुझको, मचलने लगती हूं
मुहब्बत न हो जाय मुझको सिहरने लगती हूं....

फिर प्यार करना न जग को गवारा
ये इतना सताएं, हो दुखमय नजारा
जब कोई बुलाता है मुझको, फिसलने लगती हूं
मुहब्बत न हो जाय मुझको सिहरने लगती हूं....

मेरी हसरत हैं, मैं प्यार करूं ना
गर मैं करूं भी, स्वीकार करू ना
जब कोई छूता है मुझको, बहकने लगती हूं
मुहब्बत न हो जाय मुझको, सिहरने लगती हूं....

-कुलीना कुमारी

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