Monday, 26 December 2016

कब तुम आओगे, when will you come back



गये जो तुम आए ही नहीं
मुझसे मिले ही नहीं
कहो कब तुम आओगे

तरसे हैं अंखियां मेरी
तरसे हैं जियरा
कहो तृप्त कब करोेगे

हर नजारा है सूना-सूना
खुशी की वजह ही नहीं
कबसे प्यार तूने दिया नही
तो खिलने की वजह ही नहीं
कब तुम सुनेगो
मुझे अपना सुनाओगे
कहो प्यार में कब तुम रंगोगे...

लगे सदियां बीत गयी
तेरे बगल में बैठते
तेरा प्यार पाते
तुमसे गले लगते
कहो समय कब निकालोगे
मेरा दिल बहलाओगे
मुझे अपना बनाओगे..

तेरे बिरह में लागे
ये दुनिया ही हमें ओछी
जहां तेरे प्यार का समंदर नहीं
वो जगह नहीं अच्छी
मुझमें आश कब भरोगे
विश्वास कब भरोगे
कहो अपनी मिठास कब भरोेगे..

-कुलीना कुमारी, 26-12-2016

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