Saturday, 31 December 2016

अपने ही अनुभव से दुनिया समझकर हम देखें.., Understanding of life through my own view



जिंदगी के पन्नों को पलटकर हम देखें
यादों के गट्ठर को उधेड़कर हम देखें
मिली जो खुशियां चूम कर हम देखें
पुराने जख्मों को सहलाकर हम देखें

नया पल नया वरष नया जीवन आने को है
नए लोग जुड़ने को हैं, नया काम करने को है
ऐसा क्या किया, सफलता मिली
कैसे चले जो ठोकर लगी
अपने पूराने करम की समीक्षा करके हम देखें
जिंदगी के पन्नों को पलटकर हम देखें

जिंदगी की डगर पर कितने ही राही मिले
कुछ ने तो साथ दिया मगर कुछ से धोखा मिले
जो थे सच्चें उनमें क्या थीं बातें
जिनसे धोखा मिला, उनकी थीं कैसी अदाएं
अपने ही अनुभव से दुनिया समझकर हम देखें
जिंदगी के पन्नों को पलटकर हम देखें

अपने गलतियों से सम्हलकर आगे बढ़ना है हमको
सफलता के नुस्खे को और विस्तार देना है हमको
नए सपने अरमान लेने लगे हैं करवट
इसे लेकर अंबर तक जाना है हमको
अपनी ही आंखांे से खुद को परखकर हम देखें

-कुलीना कुमारी, 25/12/2014

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